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मंगलगीतों के
साथ कीर्ति स्तम्भ का उद्घाटन
बेसवां, December 20, 2010 :
मंगलायतन विश्वविद्यालय
में सोमवार को मंगल गीतों
के साथ सुप्रसिद्ध उद्योगपति व माणिक चंद
ग्रुप के चेयरमैन रसिक लाल
धारीवाल ने परिसर में
भगवान महावीर स्वामी जिन
मंदिर के सम्मुख निर्मित
ऊंचे विशाल कीर्ति स्तंभ
का उद्घाटन किया, जिस पर
महावीर स्वामी के जयकारे
लगे। श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर
जिनबिम्ब पंच कल्याणक एवं
गजरथ महोत्सव के पांचवे
दिन कार्यक्रम में रसिक
लाल धारीवाल पत्नी
श्रीमती शोभा धारीवाल व
बेटी जान्हवी के साथ
हेलिकाप्टर से विवि परिसर
में पहुंचे। धारीवाल परिवार की आगवानी
स्वप्निल जैन आदि ने की। इस
अवसर पर मंगलायतन विवि
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन पवन जैन, विवि के
कुलपति सतीश चंद जैन, अजित जैन,
सौभाग्य मल पाटनी कोलकाता,
मूर्धन्य विद्वान डा. हुकुम चंद
भारिल्ल, पंडित रतन चंद
भारिल्ल, पंडित ज्ञान चंद
जैन, मुकेश जैन, स्वप्निल
जैन, पंडित अशोक लुहाडि़या आदि
उपस्थित थे। उद्घाटन बाल
ब्रह्माचारी पंडित अभिनंदन कुमार शास्त्री
ने पंडित मधुकर भाई जलगांव,
पंडित संजय जैन शास्त्री,
पंडित मनीष जैन, पंडित रिषभ
जैन आदि ने पूजा-अर्चना के साथ
कराया। Source: Jagran
मुनि सुखसागर महाराज व आर्यिका केवल्य मतिमाता ससंघ लाडनूं में
लाडनूं, November 16, 2010: दिगंबर
जैन संप्रदाय के संत आचार्य संभव सागर महाराज
के शिष्य मुनि सुखसागर
महाराज व आर्यिका केवल्य
मतिमाता, क्षुल्लिका कत्र्तव्य मतिमाता ससंघ
मंगलवार को लाडनूं आएंगे।
नागौर से आ रहे मुनिवर
का नगर के सुख आश्रम में
प्रवेश सुबह होगा। बाद में
लाडनूं के जैन समाज के लोगों द्वारा उनका
स्वागत जुलूस निकाला जाएगा। जो सुख आश्रम से
प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से
होते हुए दिगंबर जैन बड़ा
मंदिर पहुंचेगा। जैन समाज
ट्रस्ट के मंत्री अनिल पहाडिय़ा ने बताया कि
लंबे समय बाद नगर में जैन
मुनि का आगमन होने से समाज
में हर्ष व्याप्त है। मुनिश्री के
आगमन पर लाडनूं में विशेष
रूप से भव्य प्रवचन सभा
होगी। दिगंबर जैन महिला मंडल अध्यक्षा
सुनीता कासलीवाल ने बताया
कि मुनिश्री के आगमन पर
मंडल की कार्यकर्ताओं की ओर से
उनका स्वागत किया जाएगा।
- भास्कर न्यूज
दिगंबर जैन नसियां मंदिर
में चोरी के विरोध में
सुजानगढ़ में मौन जूलूस
निकाला।
सुजानगढ़, October 10, 2010:
दिगंबर जैन नसियां मंदिर
में छह अक्टूबर को भगवान
जिनेंद्र की मूर्ति की हुई
चोरी के विरोध में समाज के
लोगों ने शनिवार दोपहर में
दिगंबर जैन सरावगी
खंडेलवाल पंचायत मंदिर से
हाथों पर काली पटी् बांध कर
मौन जूलूस निकाला।
मंदिर से रवाना हुआ जुलूस
मुख्य मार्गों से होता हुआ
पुलिस थाने पहुंचा। समाज
के मंत्री पारसमल बगड़ा के
नेतृत्व में एक
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस
थाने में उपस्थित नायब
तहसीलदार मूलचंद लूणियां
को ज्ञापन दिया। ज्ञापन
में बताया गया कि मंदिर में
चोरी की घटना से समाज के
लोगों में आक्रोश है।
ज्ञापन में चोरी की जांच
करवा कर भगवान जिनेंद्र की
मूर्ति बरामद करवाने की
मांग की गई है। ज्ञापन में
बताया गया कि 11 अक्टूबर तक
कार्रवाई नहीं होने
स्थिति में गांधी चौक पर
क्रमिक अनशन शुरू किया
जाएगा। प्रतिनिधि मंडल
में उपाध्यक्ष सोहनलाल
बगड़ा, पारस सेठी, पवन
छाबड़ा, वीरेंद्र पाटनी,
महावीर सौगानी, महावीर
पाटनी, मनोज पहाडिय़ा, अनिल
छाबड़ा, सरोज पांड््या,
लाडनूं समाज के मंत्री
अनिल पहाडिय़ा एवं प्रकाश
गंगवाल सहित समाज के कई लोग
शामिल थे। मौन जुलूस में
समाज की उषा बगड़ा, ललिता
देवी बगड़ा, रचना पहाडिय़ा,
बबीता पांडिया एवं चंदा
छाबड़ा सहित दिगंबर जैन
विद्यालय के छात्र भी
शामिल थे। - भास्कर न्यूज
लाडनूं
दिगंबर जैन नसिया के
पंचमेरु से अष्टधातु की
मूर्ति चोरी
लाडनूं , October 8, 2010 : लाडनूं
बस स्टैड के पास स्थित
दिगंबर नसिया के पंचमेरु
में विराजमान भगवान
जिनेंद्र की भ्रदसाल वन
की अष्टधातु की बेशकीमती
मूर्ति बुधवार को दिन में
किसी समय कोई अज्ञात
व्यक्ति चोरी कर ले गया |
जैसे ही चोरी का पता चला
जैन समाज के लोगो में
नाराजगी फैल गई | इस संबंध
में गुरुवार को जैन समाज का
प्रतिनिधिमंडल थाने पहुंच
कर अधिकारियो से मूर्ति
जल्द बरामद करने की मांग की
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दिगंबर जैन मंदिर से दुर्लभ प्रतिमा चोरी
अजमेर., September 23, 2010: दरगाह
इलाका स्थित गोधा गुवाड़ी
में प्रदेश के प्राचीनतम
जैन मंदिरों में गिने जाने
वाले दिगंबर जैन मंदिर से
बीती रात शातिर चोरों ने एक
हजार साल पुरानी करोड़ों
की दुर्लभ मूर्ति चुरा ली।
अनंत चौदस पर देश की एकमात्र त्रिकाल चौबीसी
मूर्ति चोरी होने से जैन समाज में खासा रोष है।
एफएसएल टीम, फिंगर पिंट्र एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉयड
सहित पुलिस के आला अधिकारियों ने मंदिर का
मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को फिलहाल चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है। एसपी
हरिप्रसाद शर्मा ने समाज के लोगों को वारदात का
शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया है। दरगाह
थाना पुलिस मामले की जांच
कर रही है। श्री दिगंबर जैन
बड़ा धड़ा मंदिर पंचायत के सचिव दिनेश सेठी ने
रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब सुबह करीब सात बजे मंदिर के
पट खोले तो अष्टधातु से निर्मित
त्रिकाल चौबीसी मूर्ति, तीन पाश्र्वनाथ, एक
चंद्रप्रभ भगवान की मूर्ति सहित एक अन्य
मूर्ति गायब मिली। जैन
समाज के गणमान्य लोगों ने
एसपी से मुलाकात कर आरोपियों की शीघ्र
गिरफ्तारी की मांग की है।
बस मूर्ति चुराने आए थे
चोर
मंदिर से शातिर चोर सिर्फ कुछ चुनिंदा मूर्तियां ही
चुराकर ले गए हैं। जबकि
मंदिर में सोने व चांदी के छत्र व अन्य पांच
भगवान महावीर की मूर्तियों को छुआ तक नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में
मकानों की छतें आपस में सटी
हुई हैं। चोर छत के जरिये
मंदिर में आए और वारदात कर गए।
विदेश में है अष्टधातु
मूर्तियों की डिमांड
कुख्यात मूर्ति तस्कर
वामननारायण घीया की
गिरफ्तारी के बाद इस बात का
खुलासा हो चुका है कि भारत की प्राचीन
अष्टधातु मूर्तियों की विदेशों में खासी डिमांड
है। खरीदार इन मूर्तियों के लिए
मुंहमांगा दाम तक देने को
तैयार हैं। घीया ने भी करीब
आठ सौ करोड़ की मूर्तियां विदेशों में
बेची थीं। मूर्ति तस्करों
की लंबे समय से इसी
बेशकीमती मूर्ति पर नजर थी।
तस्करों के नेटवर्क का खुलासा हो
जैन समाज के सुनिल गंगवाल
का कहना है कि जैन मंदिरों
में पूर्व में भी चोरी की
वारदातें हो चुकी हैं। अब मंदिर से सबसे
प्राचीन मूर्ति चोरी होना
गंभीर बात है। जिला पुलिस
मूर्ति तस्करों के नेटवर्क का
खुलासा कर मूर्ति जल्द बरामद करे।
तस्करों के बारे में तहकीकात
सीओ (दरगाह) के नेतृत्व में
स्पेशल टीम का गठन किया गया
है। शीघ्र ही मूर्ति बरामद
कर चोर को बेनकाब किया जाएगा।
पुलिस ने मूर्ति तस्करों
के बारे में जानकारी जुटाई
है। मामले की गहनता से जांच की जा रही
है। - हरिप्रसाद शर्मा, एसपी
पर्यूषण समापन पर चोरी गंभीर
अनंत चौदस पर पर्यूषण
समापन पर विशेष पूजा-अर्चना
की जाती है। इस दिन को
क्षमा पर्व के नाम से भी जाना जाता है।
दिनेश सेठी ने पुलिस को
बताया कि यह मूर्ति देश की
एकमात्र मूर्ति है। करीब एक हजार
साल पहले इस मूर्ति को यहां
लाया गया था। इस मूर्ति से
लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है।
चोरी से से समाज के लोगों में रोष है।
जैन समाज की आस्था आहत
दिगंबर जैन 20 पंथी आमन्य
बड़ा धड़ा पंचायत के
अध्यक्ष विनय सोगानी ने
बताया कि शहर में
मूर्ति तस्कर लंबे अरसे से
सक्रिय हैं। त्रिकालदर्शी
मूर्ति से भूत-भविष्य-वर्तमान
तीनों समय का दर्शन लाभ मिलता था।
मंदिर से मूर्ति चोरी होने
से जैन समाज की आस्था को
गहरी ठेस पहुंची है।
ब्रिटिश काल में लाए थे
दिगंबर जैन बड़ा धड़ा
पंचायत के व्यवस्थापक
महावीर चंद्र कासलीवाल ने
वारदात को गंभीर माना है। कासलीवाल का कहना
है कि ऐतिहासिक मूर्ति
चोरी हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
है। ढाई दिन के झोंपड़े में
से इस मूर्ति को ब्रिटिश
शासनकाल के दौरान यहां
लाया गया था।
दोषियों को दें सख्त सजा
जैन समाज के वैभव जैन ने
कहा कि लंबे समय से वे
परिवार सहित मूर्ति का
दर्शन लाभ लेते रहे
हैं। मूर्ति चोरी होने से
धार्मिक भावनाएं आहत हुई
हैं। उन्होंने कहा कि
पुलिस वारदात का
जल्द खुलासा कर दोषियों को
सख्त सजा दिलाए।
Source: Bhaskar News
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क्षमा
आत्मा का स्वभाव -प्रमाण
सगारजी महाराज

रांची, 8 सितंबर 2010 ।
पर्युषणपर्व में क्षमा का
विशेष महत्व है। क्षमा
आत्मा का स्वभाव है।
सहिष्णुता, समता और सौजन्य
क्षमा के पर्याय हैं। उक्त
बातें प्रमाण सगारजी
महाराज ने कही। उन्होंने
कहा, क्षमा का एक अर्थ धरती
और वृक्ष भी है। धरती सारी
दुनिया के भार को सहती है।
सबके पदाघात को सहन करती
है। किसी का कोई प्रतिकार
नहीं करती। यह धरती की
महानता है। इसी कारण इसे
क्षमा कहा जाता है। वृक्ष
भी शीत, गर्मी वर्षा की
बाधाओं को
प्रतिकाररहितसहन करते हैं,
तब उनमें फल लगते हैं। यही
उसकी महानता है।
उन्होंने कहा, आज के युग
में क्षमा के लिए शब्द चल
पडा है सारी। सारी में
क्षमा का भाव नहीं। क्षमा
अंतरंग चीज है।
पर्युषणजैन धर्म का महान
पर्व : संपतश्री डोरंडाजैन
मंदिर में पर्युषणपर्व के
उपलक्ष्य में संपतलालरामपुरियाने कहा
कि पर्युषण जैन शासन का
महान पर्व है। यद्यपि हर
मास में जैनोंका कोई न कोई
पर्व आता है, परंतु
पर्युषणसे बढकर अन्य कोई
पर्व नहीं है। इसी कारण इस
पर्व को पर्वाधिराजकहा
जाता है। अन्य पर्वोमें
लोग सीमित संख्या में
पहुंचते हैं। लेकिन इस
पर्व में लोग बढ-चढकर भाग
लेते हैं। पर्युषणपर्व
आत्मनियंत्रणका पर्व
है।जैन धर्म में अहिंसा को
परमधर्म कहा गया है।
अहिंसा, त्याग और तप जीवन
के श्रेष्ठ धर्म हैं।
जैन
मंदिर से 13 प्रतिमाए चोरी
झाल्लारा,जुलाई 14, 2010:
झाल्लारा क्षेत्र के
घोलगिरखेडा स्थित दिगंबर
जैन मंदिर से गत रात्रि
अज्ञात बदमाश भगवान की एक
दर्जन से अधिक प्रतिमाए,
चांदी के आभूषण, दानपात्र
आदि चुरा ले गए| सुबह
सूचना मिलने पर थाने से
पुलिसकर्मी मंदिर पहुचे |
जाच करने के बाद पुलिस ने
चोरो के पदचिन्हो का पिछा
करते हुए मंदिर से करीब आधा
किलोमीटर दूर ओडा गांव के
पास एक खेत में पहुचें|
तलाशी के दोरान पुलिस ने
वहा झाडियो में छिपा कर रखी
ग्यारह मूर्तियो को बरामद
किया| - दैनिक भास्कर
दिगंबर
जैनाचार्य 108 बाहुबली सागर
का देवलोकगमन
जयपुर, May 11, 2010: दिगंबर
जैनाचार्य 108 बाहुबली सागर
का सोमवार शाम पांच बजे
जयपुर के चूलगिरी अतिशय
क्षेत्र में देवलोकगमन हो
गया। वे 86 वर्ष के थे। लम्बे
समय से बीमार चल रहे
जैनाचार्य आगरा रोड पर
राणाजी की नसियां में
विराजमान थे। उनके
देवलोकगमन से दिगंबर जैन
समाज में शोक छा गया। उनकी
अंतिम यात्रा मंगलवार
सुबह 9 बजे राणाजी की
नसियां (खानियां) से
चूलगिरि जाएगी। यहां
धार्मिक क्रियाओं के साथ
अंतिम संस्कार होगा। जैसे
ही जैन समाज के लोगों तक यह
समाचार पहुंचा, उनका
राणाजी की नसियां पहुंचने
का सिलसिला शुरू हो गया।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर
जैन परिषद के प्रदेश
मंत्री विनोद जैन
कोटखावदा ने बताया कि
आचार्य की प्रेरणा से
दिल्ली रोड पर गुड़गांव के
पास अतिशय सिद्धांत
क्षेत्र में भव्य जिनालय
का निर्माण कराया गया।
परिषद के अध्यक्ष
राजेंद्र ठोलिया, गणेश
राणा, निर्मल गोधा सहित जैन
समाज के लोगों ने कहा कि
अहिंसा व शाकाहार के
उत्थान तथा जैन संस्कृति
की रक्षा के लिए वे हमेशा
याद किए जाएंगे। - Bhaskar news |
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आचार्यश्री
108 वर्धमानसागरजी महाराज
ससंघ का कोलकाता आगमन
April 5, 2010 : दिगम्बर जैन
आचार्य चरित्र चक्रवर्ती
श्री 108 शांतिसागरजी
महाराज की परम्परा के
वर्तमान पट्टाचार्य
वात्सल़्य वारिधि जिनधर्म
प्रभावक आचार्यश्री 108
वर्धमानसागरजी महाराज
ससंघ के आज कोलकाता
महानगरी में मंगल आगमन पर
शत् शत् वन्दन
शत् - शत् वन्दन
श्री दिगम्बर जैन
मुनिसंघ व्यवस्था समिति
कोलकाता |
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ऋषभदेव के
जन्मोत्सव पर मेला 8 मार्च
से
ऋषभदेव,8 मार्च, 2010 :
प्रसिद्ध जैन तीर्थ
ऋषभदेव में जैन धर्म के
प्रथम तीर्थकंर व सभी
धर्मो व जातियों के आस्था
का केंद्र भगवान ऋषभदेव के
जन्मोत्सव पर विशाल तीन
दिवसीय मेला आज से शुरु
होगया है|
मेले में राजस्थान,
मध्यप्रदेश, गुजरात,
महारा्ष्ट्र आदि राज्यो
के काफी संख्या में भक्त
आते है| देवस्थान विभाग
द्वारा आयोजित मेले में
विशेष रुप से 8 मार्च
अष्टमी को भगवान का
जन्मोत्सव मनाया जाता है |
इस दिन प्रातः 6 बजे मंदिर
के गजर बजने के साथ मुख्य
दरवाजे के ऊपर 21 तोपो की
सलामी के साथ मंदिर का
मुख्य फाटक खुलता है |
प्रातः 8 बजे भगवान का
जलाभिषेक दुग्धाभिषेक व
केसर पूजा भी होती है जिसकी
बोली लगाई जाती है |
इस दिन सायं 4 बजे फोज
पल्टन के साथ भगवान की
शोभायात्रा सलामी के साथ
प्रारंभ्भ होकर मुख्य
बाजारो से होती हुई पग्लया
पहुचती है| यहा अभिषेक,
पूजा व आरती के बाद
शोभायात्रा पुनः मंदिर
पहुचती है| मध्य रात्रि को
भगवान के जन्म कल्याणक
महोत्सव की आरती होती हैः |
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