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Home> Dig.Samaj News>> Digambar Jain News in Hindi 2009
 
( हिन्दी समाचार- 2009)
      

  हार्दिक   श्रद्धांजलि
 साक्षरता के प्रचार एंव स्त्री शिक्षा हेतु प्रेरणा स्त्रोत ब्रा. कमला बाई जी के आकस्मिक निधन से हम सभी मर्माहत है |
  श्री महावीर जी (राजस्थान ) में आवासीय सुविधाओं से युक्त विधालय,  महाविधालय और शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय के निर्माण में आपका कर्मठ योगदान शिक्षा संस्कृत और संस्कृति के क्षेत्र में अभिनव कीर्तिमान  है जो सदियो तक चिर स्मरणीय रहेंगे |
  हजारों छात्राओं के जीवन निर्माण और उनके उज्जवल भविष्य का निर्माण  करने वाली ब्रा.कमला बाई जी ने नारी जागरण की दिशा में सशक्त एंव सार्थक कदम बढाया है |
  आपके आकस्मिक निधन पर हम श्री अहिंसा प्रचार समिति की ओर से हार्दिक श्रद्धा  अभिव्यक्त करते हुए भगवान महावीर स्वामी से अपकी आत्मा को सदगति प्रदान करने की कमना करते है |
 हजारीमल पाण्डया 
महामंत्री, श्री अहिंसा प्रचार समिति, कोलकाता

  चोरी गई जैन मूर्ति घर में दबी मिली
  भादसोड़ा (चित्तौड़गढ़), September 21, 2009. कस्बे के शांतिनाथ जैन चैत्यालय से छह साल पहले चोरी हुई मूर्ति रविवार को एक घर में कमरे के कोने में गड़ी हुई मिली। प्रतिमा मंदिर प्रबंधन को सौंप दी गई। पुलिस को इस बारे में जानकारी नहीं है।
 शनिवार दोपहर डेढ़ बजे व्यवसायी महावीर सरावगी के घर में एक कमरे के कोने में महज चार -पांच इंच खुदाई करने पर अष्टधातु की मूर्ति निकली। करीब तीन किलो वजनी यह मूर्ति भगवान शांतिनाथ चैत्यालय से छह साल पहले आधा किलो चांदी के सिंहासन सहित चोरी हुई थी। चोरी के बाद मंदिर में नई मूर्ति स्थापित की गई। बताया गया कि यह मूर्ति पहले भी चोरी हुई थी जो कुछ दिन बाद मिल गई थी।
 गांव में चर्चा थी कि महावीर सरावगी की पत्नी सुगमलता को करीब डेढ़ साल से सपने में यह मूर्ति घर के कोने में दबी दिखती थी। परिजनों को कई बार सपने के बारे में बताया, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। शनिवार को महावीर व उनके दोनों बेटे दुकान पर थे तब सुगमलता ने बहुओं के सहयोग से कमरे के कोने में खुदाई करवाई। फर्शी उखाड़कर मात्र चार -पांच इंच खुदाई में ही मूर्ति निकल आई। छह साल पहले चोरी हुई मूर्ति के समय इस मकान में निर्माण कार्य चल रहा था। संभवत: चोर ने मौका पाकर मूर्ति इस प्लाट में दबा दी।
Source:  Bhaskar News

  जैन समाज में आक्रोश
  लाडनू, अगस्त 20, 2009 दिगंम्बर जैन समाज के लोगो ने बुधवार को पिछले दिनो चोरी हुई सुखदेव आश्रम से जैन मूर्ति की बरामदी के लिए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सोपा | लोगो ने मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि बस स्टैड स्थित आदिनाथ दिगंम्बर जैन मंदिर (सुखदेव आश्रम ) से 9 अगस्त को मूर्ति चोरी हुई थी, लेकिन पुलिस अब तक मूर्ति बरामद नही कर पाई है | जैन समाज ने चेतावनी दी कि यदि इस ज्ञापन के पश्यात भी प्रसाशन ने मूर्ति का पता नही लगाया तो समाज को विवश होकर अनशन एवं धरने जैसी आंदोलनात्मक कार्यवाही करनी पडेगी |     ज्ञापन देने से पूर्व जैन समाज के लोग सुखदेव आश्रम में एकत्रित हुए | यहा से समाज के लोगो ने तख्तियों पर नारे लिखकर अपना रोष व्यक्त करते हुए शांतिपूर्वक रैली निकाली | रैली में जीवणमल बडजात्या, चांदकपूर सेठी, हुलासमल काशलीवाल, राजकुमार पाण्ड्या, अनिल फाडिया, प्रकाश जैन आदि पदाधिकारियो ने भाग लिया | रैली में स्थानीय लोगो के अलावा सुजानगठ, डीडवाना, कुचामन, डेह, मकराना, सीकर आदि से सैकडो की संख्या मे जैन समुदाय के लोगो ने भाग लिया |

 
  आदिनाथ दिगंम्बर जैन मंदिर (सुखदेव आश्रम) लाडनू



   सडक हादसे में मुनिश्री पूरब सागरजी का देहांत 
   आचार्यश्री पुष्पदंत सागरजी महाराज बाल-बाल बचे

   देवास (मप्र), 19 जून, 2009 मुंबई-सूरत नेशनल हाईवे पर वापी से मुंबई की ओर विहार कर रहे मुनिश्री पूरब सागरजी (67) व उनके भक्त दिलीप पाटनी का गुरुवार सुबह पांच बजे एक सडक हादसे में देहांत होगया | आचार्यश्री पुष्पदंत सागरजी महाराज बाल-बाल गए, लेकिन पांच अन्य लोग घायल हो गए है |
  दिगंबर जैन पुष्पगिरि तीर्थ सोनकच्छ के प्रबँधक सुनील गंगवाल के मुताबिक आचार्यश्री पुष्पदंत सागरजी महाराज वर्षायोग के लिए मुंबई कि ओर पैदल विहार कर रहे थे | मुंबई से करीब 100 किमी दूर वापी-वलसाड के बीच मुंबई की ओर से तेज गति से आरहे ट्रक ने पूरब सागरजी महाराज व उनके शिष्य को जोरदार टक्कर मार दी | इससे दोनो का घटनास्थल ही  देहावसान हो गया |

  सिद्धचक्र विधान मंडल के तत्वावधान में धर्मसभा
Sujangarh, 4 जून, 2009:  कस्बे के दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे सिद्धचक्र विधान के तहत बुधवार को हुई धर्मसभा में आचार्य विधासागरजी के शिष्य बाल ब्रह्मचारी तरुण भैया ने प्रवचन दिए | उन्होने कहा कि र्धम बुढापे नही बल्कि युवा होने का टाँनिक है | उन्होने कहा कि र्धम उनकी सपंति है जो युवा है |
अचूकीदेवी छाबडा की ओर से चल रहे महामंडल कार्यक्रम में छाबडा परिवार सहित जैन समाज के अनेक लोग उपस्थित थे |
 
दिगंबर जैन महिला समाज के तत्वावधान में चल रहा सिद्धचक्र विधान

  Ladnun, मई 4, 2009 - सकल दिगंबर जैन महिला समाज के तत्वावधान में लाडनूं में सिद्धचक्र विधान चल रहा है | पं. देवेद्रकुमार शास्त्री ने रविवार को की गई 256 दीपको की महा आरती के बाद हुए प्रवचन कार्यक्रम में कहा कि भगवान की भक्ति में किसी प्रकार का आडंबर न करे | श्रद्धापूर्वक किया गया कर्म ही भक्ति है|  विधान पूजन में सैकडो जैन धर्मावलंबी इंन्द्र-इंन्द्राणी के रुप में पूजन कर रहे है|

जैन समाज: मूर्ति नहीं तो वोट नहीं
उदयपुर, March 03, 2009: उदयपुर खेरवाड़ा तहसील के खुणादरी जैन मंदिर से चोरी, तीर्थंकर आदिनाथ की प्रतिमा बरामदगी और चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संभागभर के सकल जैन समाज की ओर से सोमवार को जुलूस निकाला गया। देहलीगेट व कलेक्ट्री के बाहर नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया गया। 
कलेक्ट्री पर आम सभा के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। टाउन हॉल परिसर में सुबह 8 बजे से ही संभाग भर के जैन धर्मावलंबी बसों से पहुंचना शुरू हो गए। 11 बजे जुलूस टाउन हाल से रवाना हुआ। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं व युवतियों ने भी हिस्सा लिया। 
डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़, भीलवाड़ा, राजसमंद, ऋषभदेव, खेरवाड़ा, चावंड, सराड़ा, गढ़ी, परतापुर, सेमारी, कल्याणपुर, परसाद आदि जगह से लोग पहुंचे थे। जुलूस सूरजपोल, अस्थल चौराहा, झीणीरेत, मार्शल चौराहा, धानमंडी होते हुए देहलीगेट पहुंचा। यहां से जुलूस के कलेक्ट्री पर पहुंचने पर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन हुआ। 
कटारिया ने एसपी व कलेक्टर से इस मामले की जांच के लिए जयपुर पुलिस उप अधीक्षक रामसिंह के नेतृत्व में टीम गठित करने की मांग की। रामसिंह ने ही कुख्यात मूर्ति तस्कर वामन नारायण घीया व उसकी टीम का पर्दाफाश किया था।  
जुलूस में मूर्ति नहीं तो वोट नहीं.., गिरफ्तार करो- गिरफ्तार करो मूर्ति चोरों को गिरफ्तार करो.., जैन एकता जिंदाबाद-जिंदाबाद.. अभी तो ली अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है जैसे नारे गूंजे। कलेक्ट्री के बाहर नारेबाजी करते हुए लोगों ने अंदर घुसने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से झड़प हो गई।
- Bhaskar News   


 उदयपुर खेरवाड़ा तहसील के खुणादरी जैन मंदिर से चोरी, तीर्थंकर आदिनाथ की प्रतिमा बरामदगी और चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संभागभर के सकल जैन समाज की ओर से सोमवार को जुलूस निकाला गया। देहलीगेट व कलेक्ट्री के बाहर नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया गया। 








  गुरू-शिष्य मिलन 
  जयपुर, February 23, 2009: दिगम्बर जैन आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज का रविवार को गुलाबी नगर में पहली बार मंगल प्रवेश हुआ। इस दौरान भक्ति-भाव की रसधार बह निकली। आचार्य की एक झलक पाने को भक्त बेताब नजर आए। मंगल प्रवेश के बाद हवामहल के सामने हुए गुरू-शिष्य मिलन  समारोह में भावों का समंदर बह निकला। आचार्य का अपने  शिष्यों मुनि प्रज्ञासागर महाराज, मुनि प्रकर्ष सागर  महाराज व मुनि प्रतीक सागर महाराज से भावपूर्ण मिलन हुआ। इस बीच हर किसी में आचार्य से आशीर्वाद लेने की होड सी लगी रही। "गुरू के रूप में जैस प्रभु महावीर आए हैं...",  "पुष्पदंत सागर नाम हमें प्राणों से भी प्यारा है..."  स्वागत गीत की सरिता बही।
     आचार्य शिष्यों के साथ बैंड-बाजे व लवाजमें के साथ जुलूस के रूप में रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह  पाद-प्रक्षालन किया। जुलूस जौहरी बाजार, बापू बाजार होते हुए न्यूगेट स्थित रामलीला मैदान पहुंचा, जो धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। इस मौके पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.के.सेठी, प्रवास व्यवस्था समिति के मुख्य संयोजक सुभाष पाटनी, कांग्रेस नेता राजीव अरोडा भी मौजूद थे। प्रचार संयोजक विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि आचार्य के प्रवचन  सोमवार को सुबह साढे आठ बजे मनिहारों का रास्ता स्थित  महावीर पार्क में होंगे। 
    उधर, धर्मसभा में आचार्य ने कहा कि सच्चे मित्र का साथ  पाना है तो अहंकार से दूर रहना होगा। अहंकार ही उन्नति के  मार्ग को अवरूद्ध करता है, जिसे खोलने के लिए परोपकार के  रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने जीवन को सुधारने के लिए  मनुष्य को वृत्ति बदलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि  सच्चे मन से किया गया कार्य तो फलित होगा ही। आचार्य ने  तीनों शिष्यों के नामों के भावों का उल्लेख करते हुए कहा  कि अन्दर की नजर जब खुलती है तब प्रज्ञा आती है, प्रज्ञा  के आने पर प्रकर्ष होने लगता है और अंत में वह प्रतीक बन  जाती है।
   Source:  Rajasthan Patrika
 बावलवाड़ा कस्बे में दिगम्बर जैन अतिशय मंदिर से प्रतिमा चोरी
 
खेरवाड़ा/उदयपुर, 30 January 2009: जिले में खेरवाड़ा से सत्रह किमी दूर बावलवाड़ा कस्बे में गुरुवार  रात खुणादरी आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय मंदिर से पुरामहत्व की प्रतिमा चोरी हो गई। पचास किलो वजन की यह प्रतिमा सोलहवीं शताब्दी की है। चोर जैन मंदिर का ताला तोड़कर  मुख्य प्रतिमा को उखाड़ा ले गए जबकि मंदिर की अन्य प्रतिमा को छुआ तक नहीं। वारदात के विरोध में बावलवाड़ा कस्बे में जैन समाज ने कारोबार बंद रखा और तीन दिन में चोरों को गिरफ्तार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही समाज के लोगों ने चोरों का सुराग देने वाले को एक लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा की है। गौरतलब है कि इस जैन मंदिर से दो वर्ष पूर्व भी चोरों ने ताले तोड़कर चोरी का प्रयास किया  था।
 चोरों ने दीवार तोड़कर सेंधमारी का प्रयास किया, लेकिन दीवार नहीं टूटी। फिर वे मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर अन्दर घुसे। गर्भगृह के बाहर लगे चैनल गेट का ताला तोड़ा। पुजारी थावरचंद गांधी गुरुवार रात आठ बजे मंदिर को ताले लगाकर गया था, दूसरे दिन शुक्रवार सुबह छह बजे गांधी पूजा अर्चना करने के लिए जब मंदिर खोलने गए तो उन्होंने ताले टूटे हुए देखे। उन्होंने इसकी सूचना बावलवाड़ा दिगंबर जैन मंदिर अध्यक्ष बाबूलाल फड़िया को दी।
  - भास्कर न्यूज
 
खेरवाड़ा/उदयपुर,   जिले में खेरवाड़ा से सत्रह किमी दूर बावलवाड़ा कस्बे में खुणादरी आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय मंदिर. 
  
  
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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